What Is Current: विद्युत धारा किसे कहते है, यह कितने प्रकार की होती है

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Types of Current

What is current: अक्सर छात्र विद्युत धारा की परिभाषा को लेकर अटकते रहते है। इस लेख के माध्यम से विद्युत धारा की परिभाषा और उसे किस तरह से समझा जा सकता है पूरी जानकारी साझा करने वाले है। इस पोस्ट के माध्यम से ही आपको current की संपूर्ण जानकारी मिल जाएंगी जिससे आप किसी अन्य जगह जानें की जरुरत नही होगी।

What Is Current: विद्युत धारा क्या है?

किसी भी चालक में आवेश प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते है इसे I से दर्शाते है। हर कंडक्टर में आवेश होता है चालक में अगर आवेश गति कर रहा है तो उस चालक में धारा प्रवाहित हो रही है। इसका फॉर्मूला  I =Q/T  AMP होता है। इसे आपको याद करना होगा। इस फार्मूले से आगे बहुत मदद मिलने वाली है।

दूसरे शब्दों में कह सकते है कि इलेक्ट्रोन के प्रवाहित होने से चालक में धारा का प्रवाह होता है। धारा की दिशा इलेक्ट्रोन की दिशा के हमेशा विपरीत होती है।

आपको बता दे कि किसी भी छोटी से छोटी मशीन हो उसे चलाने के लिए, इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक्स हर जगह पर Current (धारा) की जरुरत पड़ती है और ये धारा आवेश (इलेक्ट्रोन) के फ्लो होने से आती है  

Types of Current – विद्युत धारा के प्रकार

धारा को आमतौर पर दो प्रकार से उपयोग करते है

  • Alternating Current ( परवर्तिनी धारा) AC
  • Direct Current (अकदिशीय धारा) DC

1. What Is Alternating Current – परवर्तिनी धारा किसे कहते है  

ऐसा Current (धारा) जो समय के साथ अपना मान बदलता रहता है AC Current कहलाता है भारत में इसकी Frequency (आवृति) 50hz होती है इसका मतलब है कि AC धारा एक सेकंड में 50 बार पॉजिटिव तथा अपने नेगेटिव मान पर गमन करती है।

2.What is Direct Current – एकदिशीय धारा किसे कहते है

ऐसी धारा जिसका मान समय के साथ नहीं बदलता DC Current कहलाता है भारत में इसे 12 volt के रूप में उपयोग की जा रही है 1 से अधिक बेट्रीज को सीरीज में जोड़कर इसे बढ़ाया भी जा सकता है।

धारा को कैसे नापा जाता है

धारा को अमीटर से नापा जाता है इसमें कंडक्टर के दोनों सिरों ( जिसमे धारा प्रवाहित हो रही होती है) को जोड़कर एमीटर में धारा के मान को चेक करते है 

Ohm का नियम क्या है समझाइए

Ohm के नियम के अनुसार यदि चालक की भौतिक अवस्थाएं ( जैसे – ताप ,दाव) समान रहे तो चालक में बहने वाली धारा का मान भी वोल्टेज के समानुपाती होता है

             V ~ I

    तब 

        {   V = R I   }  वोल्ट

आसान शब्दो मे 

अगर चालक में तापमान समान है तो चालक में धारा का मान वोल्टेज बढ़ने से बढ़ेगा तथा घटने से घटेंगा क्योंकि कंडक्टर में किसी भी प्रकार की धारा लॉस नहीं हो रहे है।यदि चालक का तापमान बढ़ता तो चालक के प्रतिरोध बढ़ने से धारा का मान काम होता है।

सारांश

हमे आशा है कि आपको हमारी इस पोस्ट को पढ़ने के बाद अन्य किसी और जगह पर जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्योंकि इस पोस्ट में हमने धारा से रिलेटेड सभी प्रकार के प्वाइंट को सही ढंग से समझाया है।

 अगर आपके मन में भी धारा से जुड़े कई अन्य प्रश्न है तो आप वेजिझक कॉमेंट के माध्यम से पूछ सकते है।

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